2025 तक भारत तीसरा सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट बन गया।
- भारत की उपलब्धि: 2025 में भारत तीसरा सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट बन गया, जिसमें लगभग 45 GW क्षमता जोड़ी गई।
- कुल क्षमता: 250.5 GW तक पहुँच गई (2023 में 175.9 GW से बढ़कर), जो चीन और USA के बाद है।
- सोलर और विंड ग्रोथ: 37 GW सोलर (चीन के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर) और 6.3 GW विंड क्षमता जोड़ी गई—जो एक रिकॉर्ड सालाना बढ़ोतरी है।
- हाइड्रोपावर का विस्तार: पारंपरिक हाइड्रोपावर बढ़कर 56 GW और पंप्ड हाइड्रो 7.2 GW हो गया।
- वैश्विक संदर्भ: वैश्विक क्षमता में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 49.4% तक पहुँच गई, हालाँकि नई क्षमता में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी थोड़ी कम होकर 85.6% रह गई, जिसका कारण नॉन-रिन्यूएबल एनर्जी में आई तेज़ी थी।
भारत में मार्च में मैन्युफैक्चरिंग PMI 45 महीने के निचले स्तर 53.9 पर पहुँचा।
- मैन्युफैक्चरिंग PMI: मार्च 2026 में गिरकर 53.9 पर पहुँचा, जो 45 महीने का निचला स्तर है।
- विकास की स्थिति: यह क्षेत्र अभी भी विस्तार कर रहा है, लेकिन धीमी गति से।
- मुख्य दबाव: माँग में कमी, इनपुट लागत में वृद्धि और कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी।
- वैश्विक प्रभाव: मध्य-पूर्व में चल रहा संघर्ष सप्लाई चेन को बाधित कर रहा है।
FY26 में प्रमुख बंदरगाहों ने 915 मिलियन टन के साथ अब तक का सबसे ऊँचा स्तर छुआ।
- रिकॉर्ड कार्गो: प्रमुख बंदरगाहों ने FY26 में 915.17 MT कार्गो संभाला, जो 904 MT के लक्ष्य से ज़्यादा था।
- शीर्ष बंदरगाह: दीनदयाल (160.11 MT), पारादीप (156.45 MT), JNPA (102.01 MT)।
- सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी: मोरमुगाओ (15.91%), कोलकाता डॉक सिस्टम (14.28%)।
- मुख्य कारण: स्मार्ट पोर्ट पहल, कमोडिटी में उछाल, बेहतर कनेक्टिविटी और नीतिगत सुधार।
जनगणना 2027 ने रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक को अपना ब्रांड एंबेसडर चुना।
- सुदर्शन पटनायक को जनगणना 2027 का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है।
- जनगणना 2027: भारत की पहली डिजिटल जनगणना, जिसमें ऑनलाइन स्वयं-गणना की सुविधा होगी।
- चरण: मकानों की सूची बनाना (अप्रैल–सितंबर 2026) और जनसंख्या की गणना (फरवरी 2027)।
- उद्देश्य: जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना; नीति-निर्माण और योजना बनाने के लिए यह डेटा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आपदाओं के बाद भारत से मानवीय सहायता अफ़गानिस्तान पहुँची।
- मानवीय सहायता: हाल की बाढ़ और भूकंपों के बाद भारत ने अफ़गानिस्तान को सहायता भेजी।
- सरकार की भूमिका: विदेश मंत्रालय (MEA) ने सहायता की पुष्टि करते हुए एकजुटता और समर्थन पर ज़ोर दिया।
- राहत सामग्री: इसमें किचन सेट, हाइजीन किट, स्लीपिंग बैग, प्लास्टिक शीट और तिरपाल शामिल हैं।
- उद्देश्य: प्रभावित आबादी को तत्काल राहत, आश्रय और स्वच्छता संबंधी सहायता प्रदान करना।
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