UIDAI ने आधार ऐप के ज़रिए मुफ़्त ईमेल अपडेट की सुविधा शुरू की।
- आधार ऐप के ज़रिए ईमेल ID जोड़ने या अपडेट करने की मुफ़्त सुविधा।
- लॉन्च की तारीख से 6 महीने तक उपलब्ध।
- आधार ऐप Android और iOS पर उपलब्ध है।
- UIDAI, आधार एक्ट 2016 के तहत एक वैधानिक संस्था है जो MeitY के अंतर्गत काम करती है।
CCEA ने PMGKAY के तहत बेहतर क्वालिटी वाले चावल की सप्लाई को मंज़ूरी दी।
- CCEA ने PMGKAY के तहत बेहतर क्वालिटी वाले चावल की सप्लाई को मंज़ूरी दी।
- लगभग 30 सालों में पहली बार चावल की क्वालिटी के स्टैंडर्ड्स में बदलाव किया गया।
- टूटे हुए चावल की सीमा कम की गई:
- कच्चा चावल: 25% → 10%
- पार्बोइल्ड (उबला हुआ) चावल: 16% → 5%
- लागू करना: खरीफ मार्केटिंग सीज़न (KMS) 2027–28 से चरणों में लागू किया जाएगा।
- फ़ायदा: PMGKAY के तहत 80 करोड़ से ज़्यादा लाभार्थियों को बेहतर क्वालिटी का चावल मिलेगा।
- पारदर्शिता: चावल की बोरियों पर QR-कोड टैगिंग ताकि शुरू से आखिर तक पता लगाया जा सके।
- बचत: सालाना ₹2,161 करोड़ की अनुमानित बचत।
BHASHINI ने NCeG 2026 में राजस्थान भाषा मॉडल हैकाथॉन लॉन्च किया।
- लॉन्चकर्ता: NCeG 2026 में डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD)।
- उद्देश्य: राजस्थान की क्षेत्रीय भाषाओं के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले AI डेटासेट विकसित करना।
- शामिल भाषाएँ: मारवाड़ी, मेवाड़ी, ढूंढाड़ी, हाड़ौती, मेवाती और बागड़ी।
- भाषादान पहल: भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को मजबूत करने के लिए भाषा डेटा हेतु राष्ट्रीय क्राउडसोर्सिंग प्लेटफॉर्म।
- DIBD के बारे में:
- MeitY के डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC) के तहत काम करता है।
- भाषा प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रीय केंद्र (NHLT) का प्रबंधन करता है।
- 36 टेक्स्ट भाषाओं और 23 वॉयस भाषाओं को सपोर्ट करता है।
नीति आयोग ने आयुर्वेद के ग्लोबल प्रमोशन के लिए रोडमैप लॉन्च किया।
- नीति आयोग ने आयुर्वेद को ग्लोबल बनाने के लिए स्ट्रैटेजिक रोडमैप रिपोर्ट जारी की।
- मकसद: आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में भारत को ग्लोबल लीडर के तौर पर स्थापित करना।
- किसने तैयार किया: PwC के सहयोग से नीति आयोग (स्वास्थ्य विभाग) ने।
- तीन-स्तंभीय ढांचा:
- उपलब्धता
- स्वीकार्यता
- प्रसार
- लागू करने की समय-सीमा: 2047 तक चरणबद्ध रणनीति, जो 'विकसित भारत@2047' के अनुरूप है।
गुजरात पुलिस ने महिलाओं और बच्चों के लिए "ऑपरेशन सुरक्षित साइबरस्पेस" शुरू किया।
- गुजरात पुलिस द्वारा 1 जुलाई 2026 को शुरू किया गया।
- महिलाओं और बच्चों के लिए 28 दिनों का राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा अभियान।
- उद्देश्य: जागरूकता फैलाना और साइबर अपराधों, धोखाधड़ी, पहचान की चोरी (identity theft) और ऑनलाइन शोषण को रोकना।
- SHE टीमों और साइबर अपराध पुलिस स्टेशनों द्वारा लागू किया गया।
- लक्ष्य: 25 लाख नागरिकों और 20 लाख छात्रों के बीच जागरूकता फैलाना।
- महिलाओं और बच्चों से जुड़ी साइबर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना।
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