IIT मद्रास और UNESCO MGIEP ने AI-आधारित SEL लर्निंग के लिए हाथ मिलाया।
- साझेदारी: IIT मद्रास + UNESCO MGIEP — 1 सितंबर 2026।
- उद्देश्य: SEL के लिए AI और XR-आधारित इमर्सिव लर्निंग।
- फ़ोकस: AI-पावर्ड टूल्स के साथ गेम-आधारित करिकुलम।
- मुख्य तालमेल: NEP 2020 और SDG 4.7।
- लक्ष्य: ओपन-सोर्स, कम लागत और कम बैंडविड्थ वाले AI टूल्स।
- SEL स्किल्स: आत्म-जागरूकता, आत्म-प्रबंधन, सामाजिक जागरूकता और ज़िम्मेदार निर्णय लेना।
MSC बेरिल विझिनजाम सीपोर्ट से रवाना होने वाला पहला एक्सपोर्ट शिप बना।
- पहला एक्सपोर्ट: MSC बेरिल ने विझिनजाम पोर्ट के पहले एक्सपोर्ट ऑपरेशन की शुरुआत की।
- रूट: विझिनजाम, केरल → वालेंसिया, स्पेन (~20 दिन)।
- जहाज़: हिमालय एक्सप्रेस सर्विस का 366-मीटर लंबा कंटेनर शिप।
- कार्गो: 8 एक्सपोर्ट कंटेनर — सब्ज़ियां, प्रोसेस्ड फ़ूड और क्ले (मिट्टी)।
- पोर्ट की खासियत: 18+ मीटर गहरा प्राकृतिक पानी (ड्राफ़्ट)।
- महत्व: बिना पहले से ड्रेजिंग किए बड़े कंटेनर शिप को संभाल सकता है।
सालाना समीक्षा में 16 DPSU के रिकॉर्ड प्रोडक्शन की जानकारी।
- समीक्षा: 1 सितंबर 2026 को 16 DPSU के सालाना परफॉर्मेंस की समीक्षा की गई।
- डिफेंस प्रोडक्शन: वित्त वर्ष 2025–26 में ₹1.8 लाख करोड़; DPSU का योगदान ₹1.29 लाख करोड़ रहा।
- डिविडेंड: 7 DPSU ने सरकार को ₹3,951 करोड़ का डिविडेंड दिया।
- DISHA पहल: डिफेंस टेक्नोलॉजी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए इंडस्ट्री और स्टूडेंट्स को जोड़ती है।
- आत्मनिर्भर DPSU: नए प्रोडक्ट्स और स्वदेशीकरण के लिए 5 साल का रोडमैप।
- फोकस: R&D, प्रोटोटाइप और IP क्रिएशन के ज़रिए मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड।
UPI पेमेंट शुरू करने के लिए NPCI ने उज़्बेकिस्तान के HUMO के साथ साझेदारी की।
- साझेदारी: UPI पेमेंट शुरू करने के लिए NIPL और उज़्बेकिस्तान के HUMO के बीच साझेदारी।
- पेमेंट सिस्टम: Unified National QR (UZQR) के ज़रिए UPI पेमेंट।
- इस्तेमाल: भारतीय यात्री UZQR कोड स्कैन करके P2M पेमेंट कर सकते हैं।
- मंज़ूरी: RBI और उज़्बेकिस्तान के सेंट्रल बैंक से मंज़ूरी मिल गई है।
- महत्व: UPI को अपनाने वाला उज़्बेकिस्तान 11वां देश बन गया है।
भारत को JCR से A- सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग मिली।
- JCR ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को BBB+ से बढ़ाकर A- कर दिया है और आउटलुक को स्टेबल (स्थिर) बताया है।
- कंट्री सीलिंग को भी एक पायदान बढ़ाकर A कर दिया गया है।
- राजकोषीय घाटा FY25 के 4.7% से सुधरकर FY26 में 4.4% हो गया है।
- FY26 में वास्तविक GDP ग्रोथ 7.8% रही और FY27 की पहली तिमाही (Q1) में भी यह 7.8% पर बनी रही।
- IBC सुधारों और RBI की निगरानी से बैंकिंग सेक्टर की मज़बूती बढ़ी है।
- विदेशी मुद्रा भंडार शॉर्ट-टर्म विदेशी कर्ज से काफी ज़्यादा बना हुआ है, जिससे बाहरी मोर्चे पर मज़बूती आई है।
- GST और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) ने आर्थिक विकास में मदद की है।
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