सिंगापुर में UPI को बढ़ावा देने के लिए NPCI इंटरनेशनल और FOMO Pay ने हाथ मिलाया।
- NIPL–FOMO Pay पार्टनरशिप: सिंगापुर में UPI के इस्तेमाल का दायरा बढ़ाती है।
- मर्चेंट नेटवर्क: FOMO Pay के मर्चेंट, UPI ऐप्स के ज़रिए भारतीय यूज़र्स से पेमेंट ले सकते हैं।
- पहला मर्चेंट: Resorts World Sentosa पहला बड़ा मर्चेंट है जिसने UPI पेमेंट की सुविधा शुरू की है।
- पेमेंट के तरीके: ऑनलाइन और इन-स्टोर, दोनों तरह के ट्रांज़ैक्शन को सपोर्ट करता है।
- फ़ायदा: सिंगापुर में भारतीय यात्रियों के लिए आसान कैशलेस पेमेंट की सुविधा देता है।
सदर्न रेलवे ने 100% ब्रॉड गेज इलेक्ट्रिफिकेशन का माइलस्टोन हासिल किया।
- 100% इलेक्ट्रिफिकेशन: सदर्न रेलवे ने अपने 5,068 किलोमीटर लंबे ब्रॉड गेज नेटवर्क का पूरी तरह से इलेक्ट्रिफिकेशन कर लिया है।
- आखिरी सेक्शन: 71 किलोमीटर लंबे पट्टुकोट्टई-काराइकुडी सेक्शन पर इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो गया है।
- ऑपरेशनल फ़ायदा: इससे डीज़ल से इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन में बदलाव की ज़रूरत खत्म हो जाती है और ट्रेन का संचालन ज़्यादा सुचारू और तेज़ हो जाता है।
- पर्यावरण को फ़ायदा: इससे फॉसिल-फ़्यूल पर निर्भरता कम होती है और साफ़-सुथरे, ऊर्जा-कुशल रेल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलता है।
गांधीनगर में होगा वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026 का आयोजन।
- WCEF 2026: भारत, 15-18 सितंबर 2026 तक गुजरात के गांधीनगर में वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम की मेज़बानी करेगा।
- दक्षिण एशिया में पहली बार: यह दक्षिण एशिया में इस फोरम का पहला आयोजन होगा।
- थीम: सर्कुलर इकोनॉमी: लोगों और समृद्धि के लिए बदलाव।
- आयोजक: MoEF&CC और CPCB; सिट्रा (Sitra) और फ़िनलैंड इसके इंटरनेशनल पार्टनर होंगे।
- भागीदारी: 65 से ज़्यादा देशों से 2,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
- एक्सपो: 125 से ज़्यादा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शक सर्कुलर-इकोनॉमी से जुड़े समाधान पेश करेंगे।
भारत-रूस का 2030 तक $100 बिलियन के व्यापार का लक्ष्य।
- व्यापार का लक्ष्य: भारत और रूस का लक्ष्य 2030 तक आपसी व्यापार को मौजूदा $60 बिलियन से बढ़ाकर $100 बिलियन तक पहुँचाना है।
- निवेश का लक्ष्य: दोनों देशों के बीच $50 बिलियन का निवेश।
- आपसी निवेश संधि (BIT): निवेश की बेहतर सुरक्षा के लिए एक नई BIT प्रक्रिया को तेज़ करने की कोशिशें चल रही हैं।
- स्थानीय मुद्रा में भुगतान: सीमा-पार लेन-देन को आसान बनाने के लिए स्थानीय मुद्रा में भुगतान की व्यवस्था को मजबूत करने की योजना है।
- प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट: मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा, माइनिंग और रेलवे से जुड़े 40 प्रोजेक्ट्स की निगरानी की जा रही है।
- मुख्य सेक्टर: निर्यात बढ़ाने के लिए फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग सामान, केमिकल और ऑटोमोबाइल सेक्टर की पहचान की गई है।
ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म के लिए कीमत में पारदर्शिता के कड़े नियम।
- नए नियम: कंज्यूमर प्रोटेक्शन (ई-कॉमर्स) अमेंडमेंट रूल्स, 2026, 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।
- कीमत में पारदर्शिता: प्लेटफ़ॉर्म को छूट के साथ-साथ पिछले 30 दिनों में दी गई सबसे कम कीमत भी दिखानी होगी।
- स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग: पेड या स्पॉन्सर्ड नतीजों पर साफ़ तौर पर लेबल लगाना होगा।
- डार्क पैटर्न: प्लेटफ़ॉर्म को 2023 की डार्क-पैटर्न गाइडलाइंस का पालन करना होगा और हर साल अपना ऑडिट (सेल्फ़-ऑडिट) करना होगा।
- उपभोक्ता सुरक्षा: ई-कॉमर्स कंपनियों को नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) के साथ जुड़ना होगा।
- प्रोडक्ट की जानकारी: प्लेटफ़ॉर्म को एक्सपायरी/बेस्ट-बिफोर तारीख, वारंटी की शर्तें, इंपोर्टर की जानकारी और प्रोडक्ट किस देश का है (कंट्री ऑफ़ ओरिजिन), यह बताना होगा।
إرسال تعليق
Please do not add any SPAM links or unrelated text in comments.