चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने फसल की पैदावार का सटीक अनुमान लगाने के लिए AI मॉडल विकसित किया।
- चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने फसल की पैदावार का सटीक अनुमान लगाने के लिए AI-आधारित ट्रांसफॉर्मर मॉडल विकसित किया है।
- इसमें सैटेलाइट इमेज (Sentinel-1 और Sentinel-2) के साथ-साथ बारिश, तापमान और मिट्टी की नमी के डेटा का इस्तेमाल किया जाता है।
- पारंपरिक AI मॉडल की तुलना में इसमें 40% कम पैरामीटर की ज़रूरत होती है, जिससे अनुमान तेज़ी से और ज़्यादा कुशलता से लगाए जा सकते हैं।
- इसका परीक्षण धान, मक्का, मूंग और गन्ने की फसलों पर किया गया।
- इसने पारंपरिक रैंडम फ़ॉरेस्ट और LSTM मॉडल से बेहतर प्रदर्शन किया।
- यह सटीक खेती, फसल की योजना बनाने और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल में मदद करता है।
APEDA ने आइसलैंड में भारतीय आम के प्रमोशन का पहला इवेंट आयोजित किया।
- APEDA और रेक्याविक में भारतीय दूतावास ने आइसलैंड में भारतीय आम के प्रमोशन का पहला इवेंट आयोजित किया।
- ये इवेंट 24–25 जून 2026 को आयोजित किए गए थे।
- इसमें आम की प्रीमियम किस्में शामिल थीं: दशहरी, चौसा, लंगड़ा और केसर।
- इस पहल का मकसद भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के तहत भारतीय आम के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना था।
- भारत दुनिया में आम का सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
राजस्थान के अलवर में बाघों को फिर से बसाने पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित।
- 28 जून 2026 को राजस्थान के अलवर में बाघों को फिर से बसाने (री-इंट्रोडक्शन) पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई।
- इसका आयोजन राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और राजस्थान सरकार द्वारा किया गया।
- यह आयोजन सरिस्का में बाघों के पुनर्स्थापन (रिस्टोरेशन) की 18वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया गया।
- इस दौरान भारत में बाघों के सक्रिय प्रबंधन पर रोडमैप और प्रोजेक्ट चीता की वार्षिक रिपोर्ट जारी की गई।
- पिछले दशक में भारत में बाघ अभयारण्यों (टाइगर रिजर्व) की संख्या 46 से बढ़कर 58 हो गई है।
- 2005 में स्थानीय स्तर पर विलुप्त होने के बाद, सरिस्का टाइगर रिजर्व में अब बाघों की संख्या 56 हो गई है।
- योजनाओं में गौर और बारहसिंगा जैसी प्रजातियों को दूसरी जगहों से लाकर शिकार (प्रे) की उपलब्धता बढ़ाना शामिल है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने AI-आधारित इंटरनल ऑडिट पोर्टल लॉन्च किया।
- लॉन्च: 28 जून 2026 को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा।
- इसे NIC के साथ मिलकर चीफ़ कंट्रोलर ऑफ़ अकाउंट्स (CCA) के कार्यालय ने विकसित किया है।
- एंड-टू-एंड इंटरनल ऑडिट मैनेजमेंट के लिए पहला AI-आधारित यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म।
- इसमें रिस्क-बेस्ड (जोखिम-आधारित) और कंप्लायंस ऑडिट शामिल हैं।
- यह प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, पैटर्न रिकग्निशन और सबूत-आधारित फ़ैसले लेने के लिए AI का इस्तेमाल करता है।
- इसमें जियोस्पेशियल मैप व्यू और ऑडिट रिकॉर्ड व एक्शन टेकन रिपोर्ट्स (ATRs) के लिए एक सेंट्रलाइज़्ड रिपॉज़िटरी की सुविधा है।
ओडिशा ने औद्योगिक विकास को तेज़ करने के लिए "Go East" (गो ईस्ट) प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया।
- लॉन्च: 26 जून 2026 को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा।
- Go East का मतलब है – गवर्नमेंट ऑफ़ ओडिशा – ईस्टर्न इन्वेस्टमेंट एक्सेलेरेटर एंड स्पेशल टास्क फ़ोर्स।
- मकसद: औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और राज्यों के बीच निवेश को आसान बनाना।
- प्रोजेक्ट्स को तेज़ी से पूरा करने के लिए एक स्पेशल टास्क फ़ोर्स और ‘Go East’ सेल बनाई जाएगी।
- लक्ष्य: इंडस्ट्री लगाने में लगने वाले समय को 160 दिन से घटाकर 100 दिन से कम करना।
- जून 2024 से अब तक ₹9.5 लाख करोड़ के 477 प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी गई है।
- केमिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और सेमीकंडक्टर्स जैसे सेक्टर पर फ़ोकस।
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