UK ने भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम को मान्यता दी।

  • UK की मान्यता: UK ने 8 सितंबर 2026 को भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) को मान्यता दी।
  • मकसद: इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स को UK के CBAM के तहत दोहरे कार्बन टैक्स से बचने में मदद मिलती है।
  • शामिल सेक्टर: एल्युमीनियम, सीमेंट, फर्टिलाइज़र, हाइड्रोजन, लोहा और स्टील।
  • टैक्स में राहत: UK के इंपोर्टर्स CCTS के तहत भारत में पहले से चुकाए गए कार्बन की कीमत के लिए राहत का दावा कर सकते हैं।
  • ग्लोबल मान्यता: UK 16 कार्बन-प्राइसिंग स्कीम को मान्यता देता है, जिनमें EU, चीन, दक्षिण कोरिया, जापान और ऑस्ट्रेलिया की स्कीमें शामिल हैं।
  • सहयोग: कार्बन मार्केट पर भारत-UK सहयोग, एनर्जी MoU और पार्टनरशिप फॉर मार्केट इम्प्लीमेंटेशन के तहत जारी रहेगा।


UNESCO की संभावित सूची में चार नई भारतीय जगहों को शामिल किया गया।

  • UNESCO की संभावित सूची: भारत की सूची में अब 73 जगहें शामिल हो गई हैं।
  • नई जगहें: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम और राजस्थान से चार सांस्कृतिक जगहें।
  • औपनिवेशिक दंड बस्ती (Colonial Penal Settlement): इसमें सेलुलर जेल, वाइपर द्वीप, चैथम द्वीप और नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप शामिल हैं।
  • निकोबारी सांस्कृतिक निरंतरता: यह वहां की जीवित मूल संस्कृति और तटीय पर्यावरण के साथ उसके संबंध को उजागर करती है।
  • रंगपुर-शिवसागर ऐतिहासिक समूह: इसमें अहोम-युग के प्रमुख स्मारक जैसे तलातल घर और रंग घर, साथ ही जल-प्रबंधन प्रणालियाँ शामिल हैं।
  • शेखावाटी के चित्रित हवेली वाले शहर: इसमें राजस्थान के 14 शहर शामिल हैं, जो व्यापारियों की शानदार हवेलियों और पारंपरिक जल प्रणालियों के लिए जाने जाते हैं।
  • वर्तमान संरचना: 53 सांस्कृतिक, 17 प्राकृतिक और 3 मिश्रित जगहें।


भारत US के नेतृत्व वाले 26 देशों के 6G इनिशिएटिव का हिस्सा बना।

  • ग्लोबल 6G इनिशिएटिव: भारत सुरक्षित और भरोसेमंद 6G नेटवर्क के लिए US के नेतृत्व वाली 26 देशों की पार्टनरशिप में शामिल हुआ।
  • US का नेतृत्व: इस इनिशिएटिव का नेतृत्व US नेशनल टेलीकम्युनिकेशंस एंड इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (NTIA) कर रहा है।
  • मुख्य सदस्य: भारत, USA, UK, जर्मनी और जापान।
  • फ़ोकस: सुरक्षित, भरोसेमंद और इंटरऑपरेबल 6G टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना।
  • लक्ष्य: 2030 के दशक में 5G से 6G में ग्लोबल बदलाव को सपोर्ट करना।


एस्ट्रोगेट लैब्स ने भारत का पहला स्वदेशी ऑप्टिकल इंटर-सैटेलाइट लिंक विकसित किया।

  • स्वदेशी OISL: एस्ट्रोगेट लैब्स ने भारत की पहली स्वदेशी ऑप्टिकल इंटर-सैटेलाइट लिंक (OISL) क्षमता का अनावरण किया।
  • एस्ट्रोलिंक माइक्रो: स्पेस-टू-ग्राउंड कनेक्टिविटी के लिए 10 Gbps लेज़र कम्युनिकेशन टर्मिनल का प्रदर्शन किया।
  • OISL लक्ष्य: नए टर्मिनल का लक्ष्य 2027 तक उड़ान के लिए तैयार होना है।
  • टेक्नोलॉजी रेडीनेस: स्पेस-टू-ग्राउंड लेज़र टर्मिनलों ने TRL-8 हासिल कर लिया है।
  • उपयोग: सैटेलाइट डेटा बैकहॉल, डिफेंस कॉन्स्टेलेशन और सुरक्षित ऑर्बिटल कम्युनिकेशन।


भारत की DAC ने ₹1.1 लाख करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंज़ूरी दी।

  • रक्षा खरीद: DAC ने सेना, नौसेना और वायु सेना के लिए ₹1.10 लाख करोड़ के प्रस्तावों को मंज़ूरी दी।
  • स्वदेशीकरण: खरीद की कुल कीमत का लगभग 98% हिस्सा भारतीय उद्योगों से हासिल किया जाएगा।
  • सेना: CBRN टोही वाहनों और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) के लिए मंज़ूरी।
  • नौसेना: बेहतर निगरानी के लिए अरुध्र (Arudhra) रडार की खरीद।
  • वायु सेना: नए इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) जैमर सिस्टम के लिए मंज़ूरी।
  • मकसद: युद्ध क्षमता को मज़बूत करना और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देना।

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